दिल्ली आने वाली 30 से ज्यादा ट्रेनें देरी से चल रही हैं। दिल्ली देर से पहुंचने के कारण नई दिल्ली–दरभंगा हमसफर स्पेशल करीब पौने छह घंटे और पुरानी दिल्ली–जैसलमेर रूणिचा एक्सप्रेस लगभग ढाई घंटे की देरी से चल रही है।
लंबी दूरी के यात्रियों के साथ-साथ रोजाना सफर करने वालों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। शुक्रवार सुबह कई लोकल ट्रेनें भी लेट रहीं। सहारनपुर–पुरानी दिल्ली पैसेंजर ट्रेन करीब ढाई घंटे की देरी से चल रही है। पानीपत–गायिबादा मेमू पौने दो घंटे, पलवल–नई दिल्ली महिला विशेष ईएमयू डेढ़ घंटे, जींद–नई दिल्ली मेमू और दनकौर–शकूरबस्ती ईएमयू करीब सवा एक घंटे लेट हैं।
इसके अलावा हिसार–नई दिल्ली पैसेंजर एक घंटे, बुलंदशहर–तिलक ब्रिज मेमू 45 मिनट से ज्यादा और मथुरा–गाजियाबाद ईएमयू, बल्लभगढ़–शकूरबस्ती ईएमयू और गाजियाबाद–पुरानी दिल्ली ट्रेनें करीब आधे घंटे की देरी से चल रही हैं।
ट्रेनों की देरी के कारण लोगों को अपने दफ्तर और काम पर पहुंचने में परेशानी हो रही है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक घने कोहरे की वजह से दृश्यता कम है, जिससे ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है।















