छत्तीसगढ़ के रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने रविवार को आईटीएमएस कंट्रोल रूम और कमांड सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खराब पड़े कैमरों को जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए और ई-चालान व्यवस्था को लेकर कई अहम फैसले लिए। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस पर वसूली जैसे आरोप न लगें, इसके लिए अब केवल आईटीएमएस कैमरों और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के माध्यम से ही ई-चालान जारी किए जाएंगे।
मोबाइल और व्हाट्सएप पर मिलेगी चालान की जानकारी
पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिए कि ई-चालान जारी होते ही उसकी सूचना वाहन मालिक को मोबाइल मैसेज और व्हाट्सएप के जरिए अनिवार्य रूप से भेजी जाए। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और वाहन चालकों को समय रहते जानकारी मिल सकेगी।
90 दिन में जुर्माना नहीं चुकाया तो कोर्ट जाएगा मामला
उन्होंने बताया कि यदि तय समय में ई-चालान की राशि जमा नहीं की गई, तो परिवहन से जुड़ी कई सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी जाएंगी। 90 दिन पूरे होने पर चालान के मामलों को अनिवार्य रूप से न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। कोर्ट में भेजने से पहले वाहन मालिक को नोटिस भी दिया जाएगा।
लाइसेंस, परमिट और बीमा से जुड़ी सेवाएं होंगी प्रभावित
डॉ. शुक्ला ने परिवहन विभाग के साथ समन्वय बनाकर ई-चालान प्रणाली को और सख्त करने के निर्देश दिए। चालान लंबित रहने पर ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण, परमिट, फिटनेस, नामांतरण, बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र से जुड़ी सेवाएं सिस्टम के जरिए रोक दी जाएंगी। जुर्माना भुगतान के बाद ही ये सेवाएं दोबारा बहाल होंगी।
ट्रैफिक नियमों के पालन पर बढ़ेगी सख्ती
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस व्यवस्था से ई-चालान वसूली में सुधार होगा और वाहन चालक ट्रैफिक नियमों को गंभीरता से लेने लगेंगे, जिससे सड़क सुरक्षा भी मजबूत होगी।
नशे में वाहन चलाने और नो-एंट्री उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
उन्होंने निर्देश दिए कि नशे में वाहन चलाने के मामलों में मौके पर ही एल्कोमीटर से जांच कर चालान बनाया जाए, वहीं नो-एंट्री उल्लंघन के मामलों को सीधे न्यायालय भेजा जाए। निरीक्षण के दौरान एसीपी ट्रैफिक गुरजीत सिंह, सतीश ठाकुर, ट्रैफिक मुख्यालय प्रभारी टीकेलाल भोई सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।















