नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) देशभर के टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन पूरी तरह खत्म करने की तैयारी में हैं। आने वाले समय में टोल पर सिर्फ FASTag या UPI के जरिए ही भुगतान किया जा सकेगा। इस कदम का मकसद टोल सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है।
FASTag ने पहले ही बदली व्यवस्था
पिछले कुछ वर्षों में FASTag का उपयोग तेजी से बढ़ा है और इसकी पहुंच 98 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। ज्यादातर टोल प्लाजा पर अब RFID आधारित सिस्टम के जरिए बिना रुके भुगतान हो रहा है। इसके साथ ही UPI से भुगतान की सुविधा भी शुरू हो चुकी है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिल रहा है।
नकद भुगतान की दिक्कतें होंगी खत्म
कैश सिस्टम खत्म होने से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें, छुट्टे पैसे की समस्या और विवाद जैसी परेशानियां कम होंगी। NHAI के अनुसार, डिजिटल भुगतान से ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर होगा और यात्रियों का समय बचेगा। देशभर के 1,150 से ज्यादा टोल प्लाजा पर सफर और सुगम हो जाएगा।
अभी क्या हैं नियम?
फिलहाल बिना वैध FASTag के कैश भुगतान करने पर दोगुना टोल देना पड़ता है। वहीं UPI से भुगतान करने पर वाहन श्रेणी के अनुसार करीब 1.25 गुना शुल्क लिया जाता है। ये नियम पहले से ही डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए लागू हैं।
1 अप्रैल 2026 से बड़ा बदलाव
1 अप्रैल 2026 से टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद हो जाएगा। यानी अब टोल पार करने के लिए FASTag या UPI अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे यात्रा तेज, आसान और पर्यावरण के लिए भी बेहतर बनेगी।
हाईवे पर निकलने से पहले अपना FASTag एक्टिव रखें या UPI ऐप तैयार रखें, क्योंकि आने वाले समय में कैश देकर टोल पार करना संभव नहीं होगा।
















