दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देश में बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहे पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। नौ दिनों की छापेमारी में कोलकाता और तमिलनाडु से सात बांग्लादेशी समेत कुल आठ आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 12 मोबाइल और 16 सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
आतंकियों की पहचान और योजना
गिरफ्तार आतंकियों में बंगाल के मालदा के उमर फारूक और बांग्लादेशी नागरिक रबि-उल-इस्लाम, मो. लिटन, मो. मिजानुर रहमान, मो. उज्जाल, मो. जहीदुल इस्लाम, उमर और सैफायत होसेन शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि बांग्लादेश में बैठे लश्कर के हैंडलर शब्बीर अहमद लोन ने इन आतंकियों को देश में बड़ा हमला करने के निर्देश दिए थे।
आरोपितों ने भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी की थी। उनके मोबाइल से इस गतिविधियों के वीडियो भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि शब्बीर अहमद लोन ने इन आतंकियों का इस्तेमाल ‘ड्राई रन’ यानी परीक्षण के तौर पर किया था, ताकि माहौल खराब किया जा सके और उनकी मौजूदगी दर्ज हो।
देशविरोधी पोस्टर से खुला राज
स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि मॉड्यूल का भंडाफोड़ 7 फरवरी को दिल्ली में ‘फ्री कश्मीर’ के देशविरोधी पोस्टर से शुरू हुआ। कश्मीरी गेट बस अड्डा और मेट्रो स्टेशन के पास ये पोस्टर लगाए गए थे। सीआईएसएफ के जवानों ने इसकी सूचना मेट्रो पुलिस को दी, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने पोस्टर लगाने वाले दो आरोपितों के रूट का पता लगाया। ये आरोपी पोस्टर लगाने के बाद कोलकाता भाग गए थे। 13 फरवरी को केस को स्पेशल सेल को ट्रांसफर किया गया और टीम ने कोलकाता में उमर फारूक और रबि-उल-इस्लाम को गिरफ्तार किया।
तमिलनाडु से कोलकाता और दिल्ली तक
उमर फारूक ने पुलिस को बताया कि एक अन्य बांग्लादेशी हैंडलर सैद-उल-इस्लाम ने छह बांग्लादेशियों से संपर्क कराया। ये सभी तमिलनाडु में मौजूद थे और सैद-उल-इस्लाम के निर्देश पर कोलकाता आ रहे थे। स्पेशल सेल की टीम ने तमिलनाडु जाकर लोकल पुलिस की मदद से उन्हें पकड़ लिया।
आतंकियों को अब दिल्ली लाया जा रहा है। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है और उनके मोबाइल और सिम कार्ड की जांच भी जारी है।
















