छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच लाख रुपये के इनामी नक्सली को मार गिराया गया। पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।
जिले के पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि यह मुठभेड़ बुधवार रात गीदम थाना क्षेत्र के जंगल और पहाड़ी इलाके में हुई। उस समय जिला रिजर्व गार्ड और बस्तर फाइटर्स का संयुक्त दल नक्सल विरोधी अभियान पर निकला हुआ था।
पुलिस अधीक्षक ने क्या बताया
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सुरक्षाबलों को तीन मार्च को सूचना मिली थी कि गीदम थाना क्षेत्र के गुमलनार, गिरसापारा और नेलगोड़ा के बीच जंगल-पहाड़ी इलाके में नक्सलियों ने हथियार और अन्य सामग्री छिपाकर रखी है।
सूचना मिलने के बाद जिला रिजर्व गार्ड और बस्तर फाइटर्स के जवानों को इलाके के लिए रवाना किया गया। बुधवार रात जब सुरक्षाबल घेराबंदी करते हुए आगे बढ़ रहे थे, तभी करीब रात नौ बजे भैरमगढ़ एरिया कमेटी से जुड़े आठ से दस नक्सलियों ने जवानों पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की।
घटनास्थल की तलाशी में मिला नक्सली का शव
कुछ देर तक चली मुठभेड़ के बाद नक्सली अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भाग निकले। बाद में जब सुरक्षाबलों ने इलाके की तलाशी ली तो एक नक्सली का शव बरामद किया गया।
मारे गए नक्सली की पहचान राजेश पुनेम के रूप में हुई है, जो बीजापुर जिले के बुरजी गांव का रहने वाला था। वह माओवादियों की भैरमगढ़ एरिया कमेटी का सदस्य था और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।
मुठभेड़ स्थल के आसपास से सुरक्षाबलों ने एक सेल्फ लोडिंग राइफल, एक इंसास राइफल, मैगजीन के साथ एक पिस्तौल, एक वॉकी-टॉकी सेट, कई मैगजीन और बड़ी मात्रा में कारतूस व खोखे बरामद किए हैं।
इलाके में तलाश अभियान जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना के बाद पूरे इलाके में तलाश अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई के साथ ही इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में कम से कम 26 माओवादी मारे जा चुके हैं।
तीन जनवरी को बस्तर इलाके में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में 14 माओवादी मारे गए थे। बस्तर क्षेत्र में दंतेवाड़ा समेत सात जिले शामिल हैं।
पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ों में कुल 285 माओवादी मारे गए थे। वहीं केंद्र सरकार ने वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च तक की समय सीमा तय की है।















