रायगढ़11अगस्त। रायगढ़ में अपनी जायज मांगों को लेकर इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी है। जिला कांग्रेस कमेटी ने इंटर्न डॉक्टरों की मांगों का समर्थन करते हुए राज्य सरकार से संवेदनशीलता दिखाने और उनकी मांगों का तत्काल निराकरण करने की मांग की है।
जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि इंटर्न डॉक्टर चिकित्सा शिक्षा के महत्वपूर्ण चरण में अस्पतालों में मरीजों के उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ में उन्हें मात्र 15,900 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जो अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। कई अन्य राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को लगभग 30 से 40 हजार रुपये प्रतिमाह तक स्टाइपेंड दिया जा रहा है।
शाखा यादव ने कहा कि जब इंटर्न डॉक्टर समान चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण के बाद अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, तो छत्तीसगढ़ में उन्हें अन्य राज्यों की तुलना में इतना कम स्टाइपेंड दिया जाना न्यायसंगत नहीं है। महंगाई और दैनिक आवश्यकताओं के बढ़ते खर्च को देखते हुए इंटर्न डॉक्टरों द्वारा स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पूरी तरह जायज और विचारणीय है।
शाखा यादव ने कहा कि सरकार को युवा चिकित्सकों की मांगों को हठ या टकराव के नजरिए से देखने के बजाय संवेदनशीलता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विचार करना चाहिए। डॉक्टरों द्वारा की जा रही मांग के अनुरूप स्टाइपेंड में वृद्धि करना न्यायोचित होगा और इससे प्रदेश के चिकित्सा विद्यार्थियों एवं युवा चिकित्सकों का मनोबल भी बढ़ेगा।
शाखा यादव ने कहा कि लगातार सात दिनों से इंटर्न डॉक्टर हड़ताल पर हैं। इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ना स्वाभाविक है और अंततः इसका प्रभाव आम मरीजों पर पड़ सकता है। इसलिए राज्य सरकार को तत्काल इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
जिला कांग्रेस कमेटी, रायगढ़ राज्य सरकार से मांग करती है कि इंटर्न डॉक्टरों की जायज मांगों को स्वीकार करते हुए उनके मांग के अनुरूप सम्मानजनक स्टाइपेंड निर्धारित किया जाए और उनकी हड़ताल का शीघ्र पटाक्षेप किया जाना चाहिए ।
















