छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का दौर बना रहेगा। 17 अगस्त के लिए प्रदेश में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटे में भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश हुई। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 दिनों तक प्रदेश में बारिश और उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
अगले 24 घंटे में इन जिलों में भारी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में बलरामपुर, बिलासपुर, जशपुर, कोरबा, रायगढ़ और सरगुजा के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं बालोद, बलौदाबाजार, धमतरी, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, रायपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सूरजपुर में भी एक-दो जगह भारी बारिश की संभावना है।
48 घंटे में इन 4 जिलों में तेज बारिश
अगले 48 घंटे के दौरान कोरबा, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) और सूरजपुर के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में बारिश को लेकर खास चेतावनी जारी की गई है।
भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर सकता है। सड़कों पर जलभराव और फिसलन बढ़ने से यातायात भी प्रभावित हो सकता है।
रायपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश
रायपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इनमें बालोद, बलौदाबाजार, धमतरी, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कोरिया, MCB, रायपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सूरजपुर शामिल हैं। इन जिलों के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
इन 6 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश
बलरामपुर, बिलासपुर, जशपुर, कोरबा, रायगढ़ और सरगुजा में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है।
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट के पास निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इसके अगले 24 घंटे में और मजबूत होने की संभावना है।
इसके अलावा मानसून द्रोणिका भी सक्रिय है। मध्य भारत में करीब 22 डिग्री उत्तर अक्षांश के आसपास कतरनी क्षेत्र बना हुआ है। इन मौसम प्रणालियों के कारण छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर बना रहने की संभावना है।















