नेपाल में फ्लैश फ्लड से मची तबाही के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर करीब 600 हो गई है। वहीं, इस आपदा के बाद करीब 2 हजार लोगों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। लापता लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की भी बताई जा रही है। इनमें करीब 320 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिनसे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि लापता भारतीयों में कई लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री हैं।
इस बीच नेपाल में एक और खतरा पैदा हो गया है। चीन-नेपाल सीमा के पास तिब्बत के दोभाल इलाके में बनी कृत्रिम झील से लगातार पानी बाहर निकलने की खबर है। इसके कारण भोटे कोशी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
वहीं, नेपाल सेना और पुलिस का राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। सेना ने रसुवा जिले में अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
भोटे कोशी नदी का बढ़ा जलस्तर
तिब्बत के दोभाल क्षेत्र में बनी कृत्रिम झील से पानी ओवरफ्लो होने के चलते भोटे कोशी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के निर्देश दिए हैं।
त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 63 कर्मचारियों समेत अब तक 84 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों को भी सुरक्षित भारत लाया गया है। वहीं, चीन की सीमा की ओर फंसे करीब 400 भारतीय नागरिकों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है।
















