Raigarh News : रायगढ़। बड़े-बड़े दावे, विकास के चमकदार विज्ञापन और वर्ष 2047 के सुनहरे विज़न का सपना दिखाकर रायगढ़ की जनता को आखिर कब तक भ्रम और धोखे में रखा जाएगा? जमीनी हकीकत यह है कि शहर की सड़कें बदहाल हैं, जगह-जगह गड्ढे हैं और आम नागरिकों का चलना तक दुश्वार हो चुका है। यह बात जिला कांग्रेस कमेटी शहर रायगढ़ के महामंत्री आशीष शर्मा ने शहर की बदहाल व्यवस्थाओं पर तीखा प्रहार करते हुए कही।

आशीष शर्मा ने कहा कि विडंबना यह है कि जिन सड़कों का निर्माण कुछ समय पहले ही हुआ था, उनकी हालत आज इतनी खराब हो चुकी है कि जगह-जगह गड्ढे नजर आ रहे हैं। आए दिन इन्हीं बदहाल सड़कों के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ रही है। आखिर इन हादसों और मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा?
उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि नई बनी सड़कें इतनी जल्दी खराब कैसे हो गईं? निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच किसने की? दोषी ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई हुई? या फिर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण जनता की गाढ़ी कमाई को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया?
आशीष शर्मा ने कहा कि रायगढ़ में एक ओर अधिकारियों का राज हावी है तो दूसरी ओर भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है। आम नागरिक अपने छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वर्षों तक फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल घूमती रहती हैं और आम जनता परेशान होती रहती है।
उन्होंने शहर के मध्य स्थित वार्ड क्रमांक 19 के संजय कॉम्प्लेक्स का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वादों और घोषणाओं के अनुसार यहां अब तक काम शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। जनता लगातार इंतजार कर रही है और जिम्मेदार लोग केवल आश्वासन देने में व्यस्त हैं।
आशीष शर्मा ने कहा कि वार्ड क्रमांक 19 में मकानों के नवीनीकरण से संबंधित कई फाइलें लंबे समय से लंबित हैं। कभी एनओसी के नाम पर तो कभी किसी अन्य तकनीकी आपत्ति के नाम पर आम नागरिकों को परेशान किया जा रहा है। शीट नंबर 43 एवं पिछले लगभग तीन वर्षों से मकानों व जमीनों के पट्टे नवीनीकरण का एक भी कार्य नहीं हो पाया है। आखिर जनता कब तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाती रहेगी?
उन्होंने सवाल उठाया कि जब शहर की सड़कें बदहाल हों, विकास कार्य अधूरे पड़े हों, सरकारी कार्यालयों में जनता के काम वर्षों तक लंबित रहें और आम नागरिक अपने अधिकारों के लिए भटकता रहे, तो आखिर किस आधार पर रायगढ़ को विकसित शहर बनाने का दावा किया जा रहा है?
आशीष शर्मा ने कहा कि विकास केवल होर्डिंग, विज्ञापन, भाषण और कागजों में बने विज़न से नहीं होता, विकास जमीन पर दिखाई देना चाहिए। जनता को 2047 का सपना दिखाने से पहले वर्तमान रायगढ़ की बदहाल तस्वीर को सुधारना होगा।
उन्होंने कहा कि आज कुछ लोग सत्ता की चमचागिरी में हर विफलता को विकास बताने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन रायगढ़ की जनता सब देख रही है और सब समझ रही है। टूटी सड़कें, गड्ढे, दुर्घटनाएं, ठप पड़े काम और सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली खुद सरकार के विकास मॉडल की सच्चाई बयान कर रही है।
आशीष शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिस राजनीति को सत्ता के चमचे विकास की राजनीति बताकर प्रचारित कर रहे हैं, वह वास्तव में रायगढ़ के लिए विनाश की राजनीति साबित हो रही है।

उन्होंने मांग की कि शहर की खराब सड़कों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदारों एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो तथा वार्ड क्रमांक 19 के संजय कॉम्प्लेक्स एवं लंबित मकान नवीनीकरण प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया जाए।
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रायगढ़ की जनता को अब खोखले वादे नहीं, जवाब चाहिए।
विज़न नहीं, जमीन पर विकास चाहिए।
भाषण नहीं, जवाबदेही चाहिए।
आशीष शर्मा
महामंत्री, जिला कांग्रेस कमेटी शहर रायगढ़
















