• Privacy Policy
  • About Us
Tuesday, September 22, 2026
Din ka Bhaskar
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • रायगढ़
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • शिक्षा
  • राजनीतिक
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • अन्य
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • रायगढ़
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • शिक्षा
  • राजनीतिक
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • अन्य
No Result
View All Result
Din Ka Bhaskar
No Result
View All Result
Home छत्तीसगढ़

Cg Currents News : विशेष लेख : जंगल की महक से बाजार की पहचान तक पहुंचा महुआ

Amish Kumari by Amish Kumari
September 22, 2026
in छत्तीसगढ़
Share on FacebookShare on WhatsappShare on Whatsapp Telegram

Cg Currents News : रायपुर, 22 सितंबर 2026

 जंगल की महक से बाजार की पहचान तक पहुंचा महुआ

READ ALSO

Chhatisgarh News : माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Chhatisgarh Samachar : कर्मा पर्व पर विशेष लेख : करम की डाली, मांदर की थाप और रातभर थिरकता गांव… कर्मा पर्व में जीवंत होती है जनजातीय संस्कृति

कभी जंगलों में सहज रूप से मिलने वाली वन उपज और पारंपरिक उपयोग तक सीमित महुआ आज नए रूप, नई पहचान और नई संभावनाओं के साथ बाजार तक पहुंच रहा है। जशपुर में महुआ को केवल वन उपज के रूप में नहीं, बल्कि खाद्य नवाचार, मूल्य संवर्धन, अनुसंधान और जनजातीय आजीविका के अवसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में स्थानीय संसाधनों को आधुनिक बाजार से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों ने महुआ की पहचान को नई ऊंचाई दी है।

 जंगल की महक से बाजार की पहचान तक पहुंचा महुआ

इसी बदलाव की झलक रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में देखने को मिली, जहां जशप्योर और जय जंगल के स्टॉल पर जशपुर के महुआ आधारित उत्पादों ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। 18 से 20 सितंबर तक आयोजित इस मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने महुआ से तैयार विभिन्न खाद्य उत्पादों को देखा, उनके बारे में जानकारी ली और उनकी गुणवत्ता, स्वाद तथा आधुनिक पैकेजिंग की सराहना की।

महुआ की बदली तस्वीर, पारंपरिक वन उपज से आधुनिक फूड प्रोडक्ट तक

महुआ का नाम सुनते ही लंबे समय तक लोगों के मन में इसकी पारंपरिक उपयोगिता की ही तस्वीर उभरती रही। जशपुर में इसी धारणा को बदलते हुए महुआ को आधुनिक खाद्य उत्पादों के रूप में विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है। अब महुआ केवल जंगल से संग्रहित होने वाली वन उपज नहीं, बल्कि प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और मूल्य संवर्धन के जरिए बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने वाला उत्पाद बन रहा है।

इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर के हॉल नंबर-3 के स्टॉल नंबर 4 एवं 5 पर महुआ नेक्टर, महुआ नेक्टर गोल्ड, वन्यप्राश, महुआ एनर्जी पाचक, महुआ टी, महुआ आधारित कुकीज़, रागी-महुआ उत्पाद, महुआ लड्डू और फूड-ग्रेड महुआ फूल सहित अनेक उत्पाद प्रदर्शित किए गए। उत्पादों की विविधता के साथ उनकी आकर्षक पैकेजिंग और आधुनिक प्रस्तुति ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर किया कि जंगलों से मिलने वाला पारंपरिक महुआ आधुनिक खाद्य बाजार में इतने नए रूपों में भी अपनी जगह बना सकता है।

कई आगंतुकों ने पहली बार महुआ को इतने विविध खाद्य स्वरूपों में देखा। उत्पादों की प्रस्तुति और स्वाद ने यह संदेश दिया कि यदि स्थानीय संसाधनों को उचित तकनीक, गुणवत्ता और बाजार की समझ के साथ जोड़ा जाए, तो ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की पारंपरिक उपज भी व्यापक बाजार तक पहुंच सकती है।

जशप्योर बना स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन का माध्यम

जशपुर की पहचान केवल अपने जंगलों और प्राकृतिक संपदा से नहीं, बल्कि यहां के लोगों के पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय संसाधनों से भी जुड़ी है। इसी स्थानीय ताकत को आर्थिक अवसरों में बदलने की दिशा में जशप्योर के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।

जिला प्रशासन, स्थानीय समुदाय, महिला समूहों, उत्पादक संस्थाओं और तकनीकी संस्थानों के साझा प्रयासों से महुआ सहित स्थानीय वन उपज के संग्रहण, प्रसंस्करण, उत्पाद विकास और बाजार से जुड़ाव पर काम हो रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय संसाधनों को स्थानीय स्तर पर ही अधिक मूल्यवान बनाना और उनसे जुड़े परिवारों के लिए बेहतर आजीविका के अवसर तैयार करना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में स्थानीय एवं जनजातीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन और उन्हें व्यापक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। जशपुर में महुआ को लेकर हो रहे प्रयास इसी सोच को जमीन पर साकार करते हुए दिखाई देते हैं।

पेड़ से बाजार तक तैयार हो रही पूरी वैल्यू चेन

महुआ की कहानी केवल उत्पाद तैयार करने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे पेड़ से बाजार तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने का प्रयास है। स्वच्छ और फूड-ग्रेड संग्रहण से लेकर डिहाइड्रेशन, प्रसंस्करण, अनुसंधान, गुणवत्ता सुधार, उत्पाद विकास, पैकेजिंग और मार्केटिंग तक प्रत्येक चरण को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

जिला प्रशासन जशपुर के सहयोग से संचालित Mahua Centre of Excellence और ‘Mahua Kosh’ में महुआ के खाद्य उपयोग, नए उत्पादों, फूड-ग्रेड कलेक्शन, डिहाइड्रेशन और प्रसंस्करण तकनीक सहित विभिन्न पहलुओं पर अनुसंधान एवं प्रयोग किए जा रहे हैं।

इन प्रयासों का व्यापक उद्देश्य महुआ की गुणवत्ता और बाजार मूल्य बढ़ाने के साथ इससे जुड़े जनजातीय परिवारों और महिला स्वसहायता समूहों के लिए आय के नए अवसर तैयार करना है। जब जंगल में संग्रहित होने वाली उपज को वैज्ञानिक तरीके से तैयार कर बाजार तक पहुंचाया जाता है, तो उसका लाभ केवल अंतिम उत्पाद तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी मूल्य श्रृंखला से जुड़े लोगों तक पहुंचने की संभावना बनती है।

पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़ रही नई पीढ़ी

इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में जशप्योर एवं जय जंगल के स्टॉल का प्रतिनिधित्व जशपुर की अनेश्वरी भगत और गणपति बाई कर रही थीं। वे आगंतुकों को केवल उत्पादों की जानकारी ही नहीं दे रही थीं, बल्कि यह भी बता रही थीं कि महुआ का संग्रहण किस तरह किया जाता है, उसे फूड-ग्रेड बनाने के लिए किन प्रक्रियाओं को अपनाया गया है और किस प्रकार पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक फूड प्रोसेसिंग से जोड़ा जा रहा है।

यह तस्वीर जशपुर में हो रहे बदलाव की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैकृजहां जंगल से जुड़ा पारंपरिक ज्ञान अब आधुनिक उत्पाद विकास और बाजार की जरूरतों के साथ जुड़ रहा है।

अनुसंधान से पोषण की नई संभावनाओं की तलाश

महुआ के खाद्य उपयोग के विस्तार के साथ इसके पोषण संबंधी पहलुओं पर भी अनुसंधान की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। जय जंगल के निदेशक समर्थ जैन ने बताया कि ग्राहकों से महुआ के सेवन के बाद आयरन और हीमोग्लोबिन से जुड़े सकारात्मक अनुभवों की बातें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इन अनुभवों को वैज्ञानिक रूप से समझना जरूरी है और महुआ में आयरन की मात्रा के साथ शरीर में उसकी उपलब्धता एवं उपयोगिता का व्यवस्थित अध्ययन अगला महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि यदि वैज्ञानिक अध्ययन इन अनुभवों के पीछे ठोस आधार स्थापित करते हैं, तो महुआ पोषण की दृष्टि से महत्वपूर्ण वन उपज के रूप में नई संभावनाएं प्रस्तुत कर सकता है। उनका प्रयास जशपुर के जंगलों में उपलब्ध इस वन उपज को अनुसंधान, बेहतर प्रसंस्करण और नए उत्पादों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाना है।

जशपुर के जंगलों से देश-दुनिया तक पहुंचने की राह

14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में जशपुर के महुआ उत्पादों को मिली प्रतिक्रिया केवल किसी एक उत्पाद की लोकप्रियता की कहानी नहीं है। यह उस बदलाव की कहानी है जिसमें स्थानीय संसाधन, जनजातीय परंपरा, महिला समूहों की भागीदारी, प्रशासनिक सहयोग, तकनीकी ज्ञान और उद्यमिता एक साथ आकर नई आर्थिक संभावनाओं का निर्माण कर रहे हैं।

जशपुर का महुआ अब जंगलों में बिखरी वन संपदा भर नहीं है। यह स्थानीय ज्ञान, मेहनत और नवाचार के साथ एक ऐसे उत्पाद के रूप में आगे बढ़ रहा है, जो जनजातीय परिवारों और महिलाओं के लिए आजीविका के अवसरों का माध्यम बन सकता है।

जशपुर के जंगलों से निकलकर महुआ अब बाजार की नई भाषा बोल रहा है-स्थानीय संसाधन से मूल्य संवर्धन, पारंपरिक ज्ञान से नवाचार और वन उपज से आजीविका तक। यही बदलाव जशपुर के महुआ को नई पहचान दे रहा है।

Related Posts

छत्तीसगढ़

Chhatisgarh News : माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

September 22, 2026
छत्तीसगढ़

Chhatisgarh Samachar : कर्मा पर्व पर विशेष लेख : करम की डाली, मांदर की थाप और रातभर थिरकता गांव… कर्मा पर्व में जीवंत होती है जनजातीय संस्कृति

September 22, 2026
छत्तीसगढ़

Cg News : विशेष लेख : धमतरी में नारियल बनेगा किसानों की दीर्घकालीन आय का नया आधार

September 22, 2026
छत्तीसगढ़

Latest Cg News : आयुर्वेद दिवस पर विशेष लेख : वनांचल से शहर तक पहुंचेगा स्वस्थ जीवन का संदेश, आयुर्वेद से जुड़ेगा एमसीबी का प्राकृतिक जीवन

September 22, 2026
छत्तीसगढ़

Today Cg News : सेवा संकल्प अभियान: मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से कैंसर पीडि़त राजेन्द्र प्रसाद को मिला जीवनदान

September 22, 2026
छत्तीसगढ़

Chhattiagarh news raipur: बीजेपी पार्षद के कार के हमले से मचा हड़कंप, दो बाइक सवारों के बिबाद के बाद FIR दर्ज

September 22, 2026
Next Post

Cg News : विशेष लेख : धमतरी में नारियल बनेगा किसानों की दीर्घकालीन आय का नया आधार

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad




Advertisement Carousel



×
Popup Image




POPULAR NEWS

पुलिसकर्मियों ने  सीखा आपात परिस्थितियों में सीपीआर देने की कला

पुलिसकर्मियों ने सीखा आपात परिस्थितियों में सीपीआर देने की कला

May 25, 2026
Ganga Expressway:/ 15 जनवरी से 120 km/h रफ्तार से गाड़ियां दौड़ेंगी

Ganga Expressway:/ 15 जनवरी से 120 km/h रफ्तार से गाड़ियां दौड़ेंगी

December 7, 2025
Vande Bharat:स्लीपर का बड़ा अपडेट: बिहार-UP-दिल्ली यात्रियों के लिए अहम खबर

Vande Bharat:स्लीपर का बड़ा अपडेट: बिहार-UP-दिल्ली यात्रियों के लिए अहम खबर

December 6, 2025
Vande Mataram: गीत से विवाद तक… अब संसद का मामला

Vande Mataram: गीत से विवाद तक… अब संसद का मामला

December 7, 2025
RCB को मिली Green Signal, मैच नहीं होंगे शिफ्ट

RCB को मिली Green Signal, मैच नहीं होंगे शिफ्ट

December 7, 2025

EDITOR'S PICK

बारिश से केलो डैम का जलस्तर बढ़ा, 6 गेट खोले गए

बारिश से केलो डैम का जलस्तर बढ़ा, 6 गेट खोले गए

September 4, 2025
भारत-इंग्लैंड का पांचवां टी20 मुकाबला आज, जानिए कितने बजे शुरू होगा मैच?

भारत-इंग्लैंड का पांचवां टी20 मुकाबला आज, जानिए कितने बजे शुरू होगा मैच?

July 11, 2026

Chhattisgarh news: छत्तीसगढ़ में 3 को कैबिनेट मंत्री और 15 को राज्यमंत्री का दर्जा मिला

August 28, 2026
महंगाई के विरोध में कांग्रेस का तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन

महंगाई के विरोध में कांग्रेस का तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन

May 16, 2026

About Us

dinkabhaskar.com दैनिक हिन्दी न्यूज वेबसाईट है और छत्तीसगढ़ का सर्वाधिक लोकप्रिय व सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला न्यूज वेबसाईट है। dinkabhaskar.com पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश व रायगढ़ जिले की शासकीय व अर्द्धशासकीय योजनाओं के साथ सभी खबरों को प्राथमिकता के साथ प्रसारित करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है।

Contact Us
If you have any query regarding Site, Advertisement, and any other issue, please feel free to contact at
Amish kumari
prashantdinkabhsakr24@gmail.com

(Cell)- +91-7581801024

Branch Office :- Ward No 03 Azad Chowk Kirodimal Nagar Raigarh, Chhattisgarh (496001 )

Follow us

Categories

  • अन्य
  • अन्य खबर
  • खेल
  • गैजेट्स
  • छत्तीसगढ़
  • टेक्नोलोजी
  • देश
  • धर्म
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • राजनीतिक
  • रायगढ़
  • राशिफल
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • होम

Recent Posts

  • Chhatisgarh News : माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
  • Chhatisgarh Samachar : कर्मा पर्व पर विशेष लेख : करम की डाली, मांदर की थाप और रातभर थिरकता गांव… कर्मा पर्व में जीवंत होती है जनजातीय संस्कृति
  • Cg News : विशेष लेख : धमतरी में नारियल बनेगा किसानों की दीर्घकालीन आय का नया आधार
  • Cg Currents News : विशेष लेख : जंगल की महक से बाजार की पहचान तक पहुंचा महुआ
  • Privacy Policy
  • About Us

© 2025 DIN KA BHASKAR

No Result
View All Result
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • रायगढ़
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • शिक्षा
  • राजनीतिक
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • अन्य

© 2025 DIN KA BHASKAR