पेट्रोल और डीजल पर GST लागू करने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के चेयरमैन संजय कुमार अग्रवाल ने साफ कर दिया है कि फिलहाल इन ईंधनों को GST के दायरे में लाना संभव नहीं है. उनका कहना है कि पेट्रोल-डीजल केंद्र और राज्य सरकारों के लिए बड़ी रेवेन्यू का स्रोत हैं, इसलिए फिलहाल इस पर कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.
पेट्रोल-डीजल पर क्यों नहीं लगेगा GST?
अग्रवाल ने कहा कि इस समय पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty) लगाती है और राज्य सरकारें वैट (VAT) से कमाई करती हैं. इन दोनों ईंधनों से केंद्र और राज्यों को हर साल हजारों करोड़ का रेवेन्यू मिलता है. अगर इन्हें GST के दायरे में लाया गया, तो इस आय पर सीधा असर पड़ेगा. यही वजह है कि फिलहाल यह कदम संभव नहीं है.
वित्त मंत्री का बयान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी हाल ही में कहा था कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर पेट्रोल और डीजल को GST परिषद के प्रस्ताव में शामिल नहीं किया. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कानूनी रूप से केंद्र सरकार तैयार है, लेकिन यह फैसला राज्यों को लेना होगा. राज्यों की सहमति मिलने के बाद ही इस पर टैक्स रेट तय किया जाएगा।
GST लागू होने के समय से बाहर हैं ये उत्पा
Petrol Diesel GSTजुलाई 2017 में जब GST लागू हुआ था, तब पेट्रोल, डीजल और मादक पेय पदार्थों को इसके दायरे से बाहर रखा गया. ये उत्पाद केंद्र और राज्यों के लिए रेवेन्यू का बड़ा स्रोत हैं. कई राज्यों के लिए पेट्रोल और डीजल से होने वाली कमाई उनके कुल कर रेवेन्यू का 25-30% हिस्सा है।
















