रायगढ़, 23 जनवरी 2026/
रायगढ़ जिले की जीवनरेखा मानी जाने वाली केलो वृहद सिंचाई परियोजना अब कृषि विकास, जल सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बन चुकी है। इसी कड़ी में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में परियोजना की समीक्षा बैठक ली और प्रभावित गांवों के प्रतिनिधियों से संवाद कर प्रगति की जानकारी ली।
बैठक में कलेक्टर ने भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास से जुड़े मुआवजा वितरण को मिशन मोड में जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, परियोजना से जुड़े सभी कार्य तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर जोर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि केलो वृहद सिंचाई परियोजना को शासन से तीसरी संशोधित प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। परियोजना की वर्तमान स्वीकृत लागत 1182.90 करोड़ रुपये है, जिससे शेष कार्यों में तेजी आई है। परियोजना के तहत बांध, नहर और पुनर्वास के लिए कुल 2548 हेक्टेयर भूमि में से 2517 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है, जो लगभग 99 प्रतिशत है। अधिकांश प्रभावित हितग्राहियों को मुआवजा राशि का भुगतान भी किया जा चुका है।
केलो बांध के डूबान क्षेत्र से विस्थापित परिवारों को पुनर्वास गांवों में नि:शुल्क आवासीय भूखंड, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ बसाया गया है। 1 जनवरी 2014 के बाद के भूमि अधिग्रहण मामलों में करीब 90 प्रतिशत पुनर्वास अनुदान का भुगतान हो चुका है, जबकि शेष राशि का वितरण जारी है।

निर्माण कार्यों की बात करें तो परियोजना के तहत 1295 मीटर लंबा और 24.22 मीटर ऊंचा स्पिलवे बांध, 142.90 मीटर लंबा शेडल-1 और शेडल-2 बांध का निर्माण पूरा हो चुका है। कुल 311.945 किलोमीटर नहरों में से 252.36 किलोमीटर नहरों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। 85 लघु नहरों में से 29 का काम पूरी तरह पूरा हो गया है, जबकि बाकी नहरों का निर्माण तेजी से चल रहा है।
केलो वृहद सिंचाई परियोजना से रायगढ़, खरसिया और चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के 164 गांवों की 21,225 हेक्टेयर कृषि भूमि को खरीफ फसल के लिए सिंचाई सुविधा मिल रही है। वर्तमान में 18,515 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित हो चुकी है, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी हुई है और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
केलो बांध से रायगढ़ शहर और आसपास के इलाकों को पेयजल और निस्तार के लिए नियमित जल आपूर्ति की जा रही है। इसके लिए बांध में 4.44 एमसीएम पानी का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक संस्थानों को भी जल आवंटन किया गया है, जिससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिला है। बांध बनने के बाद इलाके में भूजल स्तर में भी लगातार सुधार देखा गया है।

इसके अलावा, रायगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर पर्यटन सह पर्यावरणीय उद्यान विकसित किया गया है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिला है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बने हैं। वर्ष 2015 से केलो बांध में शुरू हुए मत्स्य उत्पादन से अब तक 214 परिवारों को स्थायी आजीविका का साधन मिला है। इस तरह केलो वृहद सिंचाई परियोजना रायगढ़ जिले के लिए केवल एक सिंचाई योजना नहीं, बल्कि कृषि समृद्धि, जल सुरक्षा, रोजगार और सतत विकास की मजबूत आधारशिला बन चुकी है।
















