राशनकार्ड में ई-केवाईसी नहीं कराने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। दिसंबर महीने में एपीएल श्रेणी के 8,811 सदस्यों के नाम पर राशन का आबंटन रोक दिया गया है, जबकि करीब 59 हजार सदस्यों के नाम ऑनलाइन ब्लॉक किए जा चुके हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब राशन वितरण से पहले हर राशनकार्डधारी का ई-केवाईसी सत्यापित किया जा रहा है।
यदि किसी राशनकार्ड में 5 सदस्य दर्ज हैं और उनमें से केवल 3 सदस्यों का ई-केवाईसी पूरा है, तो उन्हीं 3 सदस्यों को 10 किलो प्रति व्यक्ति के हिसाब से कुल 30 किलो चावल दिया जा रहा है। जिन सदस्यों का ई-केवाईसी नहीं हुआ है, उनके हिस्से का राशन रोक दिया गया है। इससे कई हितग्राही राशन नहीं मिलने पर परेशान नजर आ रहे हैं।
धमतरी जिले में एपीएल, बीपीएल, अंत्योदय, निशक्तजन सहित अन्य श्रेणियों को मिलाकर कुल 2 लाख 60 हजार 243 राशनकार्ड संचालित हैं। इनमें कुल 8 लाख 60 हजार 491 सदस्य शामिल हैं। इनमें से 2 लाख 35 हजार 270 बीपीएल और 24,973 एपीएल राशनकार्डधारी हैं।
खाद्य विभाग के अनुसार,
वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत सभी राशनकार्डधारी सदस्यों का ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। इसके लिए 30 जून अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी, जिसे दो महीने के लिए बढ़ाया गया था। इसके बावजूद ई-केवाईसी नहीं कराने वाले सदस्यों के नाम दिसंबर से ऑनलाइन ब्लॉक किए जा रहे हैं और उन्हें दिसंबर माह का राशन नहीं दिया जा रहा है। हालांकि 5 वर्ष तक की उम्र के 42 हजार बच्चों को इससे छूट दी गई है। 5 वर्ष पूर्ण होने के बाद आधार अपडेट कराकर उनका भी ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार,
जिले में 5 वर्ष से अधिक उम्र के 58,103 सदस्यों का ई-केवाईसी अब तक नहीं हो पाया है। धमतरी ग्रामीण, नगर निगम धमतरी और नगर पंचायत आमदी क्षेत्र में 14,932, कुरूद ब्लॉक में 24,987, मगरलोड ब्लॉक में 14,188 और नगरी ब्लॉक में 21,701 सदस्यों ने ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है। इस तरह पूरे जिले में कुल 80,898 सदस्यों का ई-केवाईसी शेष है।
5,000 सदस्यों के नाम काटे गए
ई-केवाईसी के साथ-साथ राशनकार्डधारियों का सत्यापन कार्य भी किया जा रहा है। सत्यापन के दौरान ई-केवाईसी नहीं कराने वाले, अन्यत्र निवास करने वाले, मृत तथा विवाह के बाद अन्य स्थान पर चले गए हितग्राहियों के नाम राशनकार्ड से हटाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक अब तक करीब 5,000 सदस्यों के नाम काटे जा चुके हैं। अकेले नगरी ब्लॉक में ही 1,300 से अधिक नाम हटाए गए हैं। सत्यापन की प्रक्रिया जारी है, जिससे आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है।
















