शरीर में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन (क्रॉनिक इंफ्लेमेशन) कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार रहने वाली सूजन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का जोखिम भी बढ़ा सकती है। सूजन एक-दो दिन में ठीक नहीं होती, बल्कि इसके लिए खानपान और जीवनशैली में नियमित बदलाव करना जरूरी होता है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा, जो आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं, बताती हैं कि लंबे समय तक रहने वाली सूजन से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है और रिकवरी की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है। उनका कहना है कि सूजन के कारण शरीर में फ्री रेडिकल्स की मात्रा बढ़ती है, जो डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में सूजन को कम करने वाली चीजों का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है।
सूजन और कैंसर का संबंध
हाल के कुछ अध्ययनों में यह पाया गया है कि जिन लोगों के शरीर में पहले से सूजन की समस्या रहती है, उनमें बीमारी से उबरने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी हो सकती है। वहीं जिन लोगों में सूजन कम होती है, उनका शरीर बीमारियों से लड़ने में बेहतर प्रतिक्रिया दे सकता है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि केवल एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार, नियमित दवाइयां और डॉक्टर की सलाह भी उतनी ही जरूरी है।
किन कैंसर के जोखिम में हो सकता है फायदा?
सूजन कम करने वाली डाइट से स्तन कैंसर, फेफड़े के कैंसर और अंडाशय के कैंसर जैसे कुछ प्रकारों के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। लेकिन यह तभी प्रभावी होती है जब इसे संतुलित जीवनशैली, सही वजन और चिकित्सकीय देखरेख के साथ अपनाया जाए।
क्या खाएं?
एंटी-इंफ्लेमेटरी आहार में कच्ची हल्दी, अदरक, हरी पत्तेदार सब्जियां, बेरीज, ओमेगा-3 से भरपूर फैटी फिश, जैतून का तेल, खट्टे फल और नट्स जैसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाने और मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी चीज का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए नई डाइट अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें और संतुलित मात्रा में ही इन चीजों का सेवन करें।
















