निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द ही आरटीई के अंतर्गत एडमिशन भी प्रारंभ होंगे। इस बार प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार के नए आदेश के अनुसार अब आरटीई के तहत केवल पहली कक्षा में ही प्रवेश दिया जाएगा। पहले नर्सरी और केजी में भी एडमिशन होते थे।
इस बदलाव का सीधा असर सीटों की संख्या पर पड़ा है। रायपुर जिले में इस साल 1500 से ज्यादा सीटें कम हो गई हैं।
रायपुर में 828 स्कूलों में होगा प्रवेश
रायपुर जिले में कुल 828 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेश दिया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार नोडल अधिकारियों द्वारा स्कूलों का सत्यापन जारी है। अब तक 826 स्कूलों का सत्यापन पूरा हो चुका है, जिनमें 3072 सीटें तय की गई हैं। दो स्कूलों का सत्यापन बाकी है। उन्हें जोड़ने के बाद भी कुल सीटों का आंकड़ा लगभग 3100 तक ही पहुंचने की संभावना है।
पिछले वर्ष रायपुर जिले में आरटीई के तहत करीब 4653 सीटों पर प्रवेश दिया गया था।
पहले नर्सरी और केजी में भी मिलते थे एडमिशन
सत्र 2025-26 तक नर्सरी, केजी-1 और पहली कक्षा में आरटीई के तहत प्रवेश दिए जाते थे। आरटीई छत्तीसगढ़ की वेबसाइट के अनुसार पिछले सत्र में कुल 53,023 बच्चों को प्रवेश मिला था। इनमें से लगभग 10,500 बच्चों को पहली कक्षा में एडमिशन दिया गया, जो कुल का करीब 19.80 प्रतिशत था। जबकि 42,600 से अधिक बच्चों को नर्सरी और केजी में प्रवेश मिला था।
31 मार्च तक होगा छात्र पंजीयन
आरटीई के तहत छात्र पंजीयन 16 फरवरी से 31 मार्च तक किया जाएगा।
पहले चरण में 13 अप्रैल से 17 अप्रैल तक लॉटरी और सीट आवंटन होगा। इसके बाद चयनित विद्यार्थियों को 1 मई से 30 मई के बीच स्कूल में प्रवेश लेना होगा।
दूसरे चरण की प्रक्रिया 8 जून से शुरू होगी। इस दौरान नए स्कूलों का पंजीयन किया जाएगा। इसके बाद 1 जुलाई से 11 जुलाई तक छात्र पंजीयन होगा। 27 जुलाई से 31 जुलाई तक लॉटरी और आवंटन किया जाएगा। चयनित छात्रों को 3 अगस्त से 17 अगस्त के बीच प्रवेश लेना होगा।
प्रवेश प्रक्रिया से पहले ही नियमों में संशोधन
आरटीई के तहत स्कूल प्रोफाइल अपडेट करने का काम 1 जनवरी से शुरू हुआ था। इसी से लगभग 15 दिन पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रवेश नियमों में संशोधन कर दिया। नए नियम के अनुसार अब आरटीई में प्रवेश केवल पहली कक्षा में ही दिया जाएगा। इससे पहले नर्सरी, केजी-1 और पहली कक्षा में प्रवेश की व्यवस्था थी।
















