आम तौर पर लोग सोचते हैं कि इनकम टैक्स का असली काम जुलाई में होता है, जब रिटर्न (ITR) फाइल करना पड़ता है. लेकिन सच यह है कि टैक्स की भागदौड़ जून से ही शुरू हो जाती है. टैक्सपेयर्स, कंपनियों और बैंकों के लिए जून 2026 का महीना काम और जिम्मेदारियों से भरा है. अगर आपने इन तारीखों पर ध्यान नहीं दिया, तो आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है.
जून की शुरुआत में क्या है जरूरी?
महीने के पहले हफ्ते में ही बिजनेस और ट्रांजैक्शन से जुड़े दो बड़े काम निपटाने हैं. 7 जून 2026 तक मई महीने में कलेक्ट किया गया सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और कमोडिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (CTT) सरकारी खाते में जमा करना जरूरी है. शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट से जुड़े लोगों के लिए यह तारीख बेहद अहम है.
15 जून को कौन सी बड़ी डेडलाइंस हैं?
एडवांस टैक्स की पहली किस्त: फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए आपको अपने अनुमानित टैक्स का 15% हिस्सा एडवांस टैक्स के रूप में इसी दिन तक जमा करना होगा.
सैलरी क्लास के लिए फॉर्म 16: कंपनियों को अपने कर्मचारियों के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 का ‘Form 16’ (TDS सर्टिफिकेट) और ‘Form 12BA’ (परक्युजिट्स और भत्तों का स्टेटमेंट) इसी तारीख तक जारी करना होगा.
अन्य पेमेंट्स का Form 16A: नॉन-सैलरी पेमेंट्स के लिए मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही का टीडीएस सर्टिफिकेट (Form 16A) जारी करने की आखिरी तारीख भी यही है.
ट्रस्ट और फंड्स के लिए नियम: बिजनेस ट्रस्ट को टैक्स अथॉरिटीज को ‘Form 64A’ देना है. अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) को ‘Form 64D’ और सिक्योरिटाइजेशन ट्रस्ट को ‘Form 64E’ जमा करना अनिवार्य है.
29 जून को किन बातों का ध्यान रखना है?
महीने के आखिर से ठीक पहले, यानी 29 जून 2026 को दो खास फॉर्म भरने की डेडलाइन है. इसमें एलिजिबल इन्वेस्टमेंट फंड को असेसिंग ऑफिसर के सामने ‘Form 3CEK’ सबमिट करना होगा. इसके अलावा, सेक्शन 285A के तहत आने वाली भारतीय कंपनियों को अपनी जानकारी ‘Form 49D’ के जरिए फाइल करनी होगी.
30 जून को कौन से काम निपटाने होंगे?
महीने के आखिरी दिन यानी 30 जून 2026 को डेडलाइंस की लंबी लिस्ट है:
सालाना रिटर्न: स्टॉक एक्सचेंजों और म्यूचुअल फंड्स को फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए STT और CTT का सालाना रिटर्न भरना होगा.
बैंक और सर्टिफिकेट्स: बैंकों को फिक्स डिपॉजिट (Time Deposits) पर टीडीएस न कटने की चौथी तिमाही की रिपोर्ट ‘Form 26QAA’ में देनी होगी. अलग-अलग सेक्शन के तहत सीए (Accountant) सर्टिफिकेट के लिए ‘Form 10-IJ’, ‘Form 10-IL’ और ‘Form 3AF’ भरने की भी यही आखिरी तारीख है.
इन्वेस्टर को जानकारी: बिजनेस ट्रस्ट को ‘Form 64B’, AIFs को ‘Form 64C’ और सिक्योरिटाइजेशन ट्रस्ट को ‘Form 64F’ के जरिए अपने यूनिट होल्डर्स को हुई कमाई या डिस्ट्रीब्यूशन का स्टेटमेंट देना होगा.
















