रायगढ़, 26 अक्टूबर। रायगढ़ शहर के जूटमिल इलाके में जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस मामले ने और तूल पकड़ लिया है। स्थानीय लोगों ने कॉलोनाइजर अनूप बंसल और बंटी डालमिया एवं अन्य पर न केवल सरकारी जमीन पर कब्जा करने बल्कि तालाब को पाटकर निर्माण कार्य करने का भी गंभीर आरोप लगाया है।

मिली जानकारी के अनुसार, जूटमिल की करीब 51 एकड़ जमीन पर कॉलोनी निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। लेकिन स्थानीय लोग और पूर्व जूटमिल श्रमिकों का कहना है कि कॉलोनाइजर ने लगभग 17 एकड़ सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया है। साथ ही खसरा नंबर 38/2, 265/2, 51/2, 110/3, 32/3, और 40/3 में स्थित तालाब को भी मिट्टी डालकर समतल कर दिया गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह भूमि 1990 से अब तक के रिकॉर्ड में जलभूमि (तालाब) के रूप में दर्ज है। पिछले वर्ष नगर निगम ने इस तालाब के गहरीकरण का प्रस्ताव भी बनाया था, लेकिन अब यह तालाब पूरी तरह गायब हो गया है। लोगों ने आरोप लगाया कि कॉलोनाइजर निजी जमीन के नाम पर तालाब को पाट रहे हैं और सरकारी संपत्ति पर भी कब्जा कर लिया है।

इस पूरे मामले में स्थानीय लोगों ने एसडीएम कार्यालय और जूटमिल थाने में लिखित शिकायत दी है। शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
पूर्व जूटमिल श्रमिकों का कहना है कि कॉलोनाइजर अनूप बंसल और बंटी डालमिया के गुंडे लोगों को धमका रहे हैं। “हम लोग डर के साए में जी रहे हैं,” उसने कहा।

मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रशासन भूमाफियाओं को संरक्षण दे रहा है और तालाब जैसी सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो पार्टी सड़क पर उतरकर विरोध करेगी।
वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और जमीन का सीमांकन कराया जा रहा है। जांच में जो भी गड़बड़ियां पाई जाएंगी, उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
















