सरकार ने नए आयकर अधिनियम, 2025 के तहत मसौदा आयकर नियम और नए फॉर्म जारी किए हैं। इसमें मुख्य रूप से किराया भत्ते (एचआरए) के दावों में पारदर्शिता बढ़ाने, विदेशी आय पर कर क्रेडिट के दावों की कड़ी जांच और आडिट की जिम्मेदारी बढ़ाने के प्रस्ताव शामिल हैं। अंतिम नियम और फॉर्म अगले महीने अधिसूचित किए जाएंगे।
एचआरए के दावों में पारदर्शिता
मसौदा नियम के अनुसार, नए फॉर्म 124 में कर्मचारियों को यह बताना होगा कि जिस मकान मालिक को वे किराया दे रहे हैं, उससे उनका कोई पारिवारिक या अन्य संबंध तो नहीं है। फिलहाल, एचआरए दावा करते समय केवल अनुमानित किराये का विवरण दिया जाता है।
कर विशेषज्ञों का कहना है कि मकान मालिक और किरायेदार के संबंध की जानकारी अनिवार्य करने से फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए किराया दावों पर रोक लगेगी। नांगिया ग्लोबल एडवाइजर्स के संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि यह कदम वास्तविक व्यवस्थाओं को प्रभावित किए बिना अनुचित दावों की पहचान में मदद करेगा और पारदर्शिता बढ़ाएगा।
कंपनियों के पैन आवेदन प्रक्रिया में सख्ती
मसौदा नियम में कंपनियों के लिए पैन आवेदन प्रक्रिया भी कड़ी की गई है। अब आवेदन के समय यह घोषणा देना जरूरी होगा कि कंपनी के पास पहले से कोई पैन नहीं है। शाखाओं या पूर्व इकाइयों के नाम पर पहले से पैन होने की स्थिति में आंतरिक जांच अनिवार्य होगी।
विदेशी आय पर कर क्रेडिट में ऑडिटर की भूमिका बढ़ी
नए मसौदे में विदेशी आय पर कर क्रेडिट के दावों के लिए कंपनियों और ऑडिटर की जवाबदेही बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। नए फॉर्म 44 में चार्टर्ड अकाउंटेंट को विदेशी टैक्स प्रमाणपत्र, भुगतान की जानकारी, विनिमय दर रूपांतरण और कर संधि की पात्रता की स्वतंत्र जांच करनी होगी।














