देश में भले ही चुनाव आयोग (ECI) विपक्ष के निशाने पर रहता हो, लेकिन वैश्विक मंच पर उसकी कार्यप्रणाली की सराहना हो रही है। करीब 100 करोड़ मतदाताओं वाले विशाल चुनाव को कम समय में, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के अपने अनुभव और तकनीकों को अब भारत निर्वाचन आयोग दुनिया के साथ साझा करने जा रहा है।
भारत में लोकतंत्र पर वैश्विक मंथन
लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 21 से 23 जनवरी 2026 के बीच नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में दुनिया के करीब 90 देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों से जुड़े प्रतिनिधि भाग लेंगे। खास बात यह है कि सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी-अपनी श्रेष्ठ पहलों पर प्रस्तुतियां देंगे।
राज्यों की बेहतरीन चुनावी पहलें होंगी पेश
सम्मेलन के दौरान बिहार के सीईओ वोटर रजिस्ट्रेशन, हरियाणा और चंडीगढ़ के सीईओ ईवीएम, जबकि उत्तर प्रदेश के सीईओ कानून-व्यवस्था से जुड़ी व्यवस्थाओं पर प्रस्तुति देंगे।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़ी जानकारी देते हुए इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (ट्रिपलआई डीईएम) के महानिदेशक राकेश वर्मा ने बताया कि अब तक 44 देशों ने सम्मेलन में भागीदारी की औपचारिक सहमति दे दी है।
चुनावी पारदर्शिता और फेक नैरेटिव पर फोकस
सम्मेलन में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय चुनाव प्रबंधन संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य चुनावी पारदर्शिता को और मजबूत करना है, साथ ही फेक नैरेटिव और गलत सूचनाओं जैसी चुनौतियों से चुनाव प्रक्रिया को सुरक्षित रखने पर भी चर्चा की जाएगी।
विशेषज्ञ और शीर्ष संस्थानों की पहली बार भागीदारी
पहली बार इस सम्मेलन में चुनाव प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों के साथ-साथ IIT, IIM, NLU और IIMC जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को भी आमंत्रित किया गया है। ये संस्थान न केवल वैश्विक चुनावी चुनौतियों का विश्लेषण करेंगे, बल्कि उनसे निपटने के व्यावहारिक समाधान भी सुझाएंगे।
सभी राज्यों को मिलेगा प्रस्तुति का मंच
इस वैश्विक सम्मेलन में पहली बार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ को चुनावी पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अपनाई गई अपनी बेहतरीन पहलों को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इनमें वोटर रजिस्ट्रेशन, पोस्टल बैलेट, ईवीएम, कानून-व्यवस्था, राजनीतिक दलों का नियमन और मतदाता पात्रता जैसे अहम विषय शामिल हैं।
लोकतंत्र को मजबूत करने का प्रस्ताव
सम्मेलन में शांतिपूर्ण, समावेशी, लचीली और टिकाऊ दुनिया के लिए लोकतंत्र विषय पर भी विचार-विमर्श होगा। इसके साथ ही चुनावी पारदर्शिता को लेकर एक प्रस्ताव पारित करने की भी तैयारी है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन भारत निर्वाचन आयोग के सहयोगी संस्थान ट्रिपलआई डीईएम द्वारा किया जा रहा है।















