रायगढ़, 11 फरवरी 2026। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में गौवंश तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाने और मवेशी तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए “ऑपरेशन शंखनाद” लगातार चलाया जा रहा है। एसएसपी श्री सिंह मवेशियों के साथ होने वाली क्रूरता को लेकर गंभीर हैं और उनके मार्गदर्शन में सभी थाना क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
इसी अभियान के तहत लैलूंगा पुलिस ने तीन दिनों के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। 10 फरवरी को थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने अपनी टीम के साथ ग्राम करवारजोर में घेराबंदी कर एक मवेशी तस्कर को गिरफ्तार किया।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि करवारजोर निवासी रब्बुल खान मवेशियों को मारते-पीटते और भूखे-प्यासे हालत में उड़ीसा की ओर ले जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गिरधारी साव ने तत्काल टीम के साथ दबिश दी और आरोपी रब्बुल खान (39 वर्ष), पिता काशिम खान, निवासी करवारजोर, थाना लैलूंगा जिला रायगढ़ को पकड़ लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 32 गौवंश बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 56 हजार रुपये बताई गई है। पूछताछ में आरोपी ने मवेशियों को बूचड़खाने ले जाने की बात स्वीकार की। सभी मुक्त कराए गए मवेशियों का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और उन्हें सुरक्षित रूप से सलखिया गौशाला भेज दिया गया।
आरोपी के खिलाफ थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 41/2026 के तहत छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और 11 के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले 7 फरवरी को भी लैलूंगा पुलिस ने तीन मवेशी तस्करों से 8 मवेशी मुक्त कराए थे। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि जिले में #ऑपरेशन_शंखनाद के तहत अवैध मवेशी परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा, आरक्षक राजू तिग्गा और आरक्षक किशोर कुल्लू की अहम भूमिका रही।
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा है कि जिले में मवेशियों की तस्करी, अवैध परिवहन और उनके साथ क्रूरता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि गौवंश तस्करी की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
















