भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ को लेकर कंपनियों का उत्साह लगातार बना हुआ है। मार्च 2026 में 38 कंपनियों ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास आईपीओ के लिए शुरुआती दस्तावेज जमा किए हैं। इनमें एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज जैसी बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। यह संख्या पिछले सालों के मुकाबले काफी ज्यादा है—मार्च 2025 में 22 और मार्च 2024 में 16 कंपनियों ने आवेदन किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि नियामकीय समयसीमा और बाजार की अनुकूल स्थिति के कारण यह रफ्तार आगे भी जारी रह सकती है।
आने वाले समय में और भी बड़ी कंपनियां आईपीओ की तैयारी में हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी जियो समेत कई दिग्गज कंपनियां जल्द ही अपने दस्तावेज दाखिल कर सकती हैं। इसके अलावा सेम्बकॉर्प इंडस्ट्रीज की भारतीय रिन्यूएबल एनर्जी यूनिट, मॉडर्न टाइम्स ग्रुप की सहायक कंपनी, फाइब और बैटरीस्मार्ट जैसी कंपनियां भी DRHP फाइल करने की तैयारी में हैं।
मार्च में दस्तावेज दाखिल करने वाली 38 कंपनियों में से 9 ने गोपनीय तरीके से आवेदन किया है। इनमें जेटवर्क, एसएनवीए ट्रैवलटेक, रेडिफ डॉट कॉम इंडिया, टोरेंट गैस, सिनर्जी एडवांस्ड मेटल्स, गरुड़ एयरोस्पेस और सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट शामिल हैं। एक्सिस कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 64 कंपनियां अभी सेबी की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं, जबकि 124 कंपनियों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है लेकिन उनके आईपीओ अभी बाजार में नहीं आए हैं।
अगर इस साल की बात करें तो 2026 में अब तक 18 आईपीओ आ चुके हैं, जिनमें से 8 केवल मार्च महीने में लॉन्च हुए। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 109 मेनबोर्ड आईपीओ आए, जिनमें से 69 कंपनियां अपने इश्यू प्राइस से ऊपर लिस्ट हुईं। हालांकि, कुछ कंपनियों ने अपनी योजनाएं फिलहाल टाल दी हैं। डिजिटल पेमेंट कंपनी फोनपे ने मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए अपनी लिस्टिंग को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है, लेकिन कंपनी ने साफ किया है कि वह भारत में लिस्टिंग को लेकर प्रतिबद्ध है।















