पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में लागू एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में खुद सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं और अदालत में अपना पक्ष रखा। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ दायर याचिका के जरिए एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती दी है।
इस मामले की सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट में हुई। याचिका पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए सोमवार की तारीख तय की है।
ममता बनर्जी ने अदालत में कहा कि एसआईआर प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हुई
जानें कोर्ट में आज क्या क्या हुआ
- ममता- हमे कहीं इंसाफ़ नहीं मिल रहा है।
- ममता – चुनाव आयोग हमे जवाब नहीं दे रहा है।
- ममता- जब इंसाफ दरवाजे के पीछे दम तोड़ रहा है। ऐसे वक्त में आप सुन रहे है, हम आपके आभारी है।
- कोर्ट ने ममता को टोकते हुए कहा कि आपकी राज्य की पैरवी के बड़े वकील उपलब्ध है। श्याम दीवान, कपिल सिब्बल जैसे वकील हैं।
- हम पूरी कोशिश करेंगे कि समाधान निकले और कोई निर्दोष का नाम वोटर लिस्ट न छूटे।
- ममता फिर बार बार बात रखने की कोशिश करती रहीं।
- ममता- मुझे बात रखने दीजिए।
- ममता-मैं कुछ फोटोग्राफ रखना चाहती है। सब बड़े बंगाली अखबार में यह छपे हैं।
- चीफ जस्टिस – हम पहले ही 10दिन डेडलाइन बढ़ा चुके है। ऐसे ही हम टाइम नहीं बढ़ा सकते।
- ममता -SIR की प्रक्रिया सिर्फ नाम हटाने (डिलीशन) के लिए इस्तेमाल की जा रही है।
- ममता- कोई बेटी शादी के बाद ससुराल चली जाती है, तो उससे सवाल किया जा रहा है कि वह पति का सरनेम क्यों इस्तेमाल कर रही है। ऐसे कई नाम हटा दिये गए।
- ममता – गरीब लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो जाते हैं, लेकिन उनका नाम भी हटा दिया जा रहा है।
- ममता-आपके आदेश का उल्लंघन हो रहा है।
- ममता – सिर्फ बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है। वो आधार के साथ हमें एक और सर्टिफिकेट की मांग कर रहे है। दूसरे राज्यों में ऐसी कोई शर्त नहीं रखी जाती।
- ममता- मेरा सवाल है कि सिर्फ बंगाल ही क्यों ?असम क्यों नहीं।
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो मामले में अगली सुनवाई सोमवार को करेगी।















