नए साल की शुरुआत के साथ ही शेयर बाजार में आईपीओ की रफ्तार तेज हो गई है। कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने एक साथ आठ कंपनियों के आईपीओ को मंजूरी देकर निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है। फर्टिलिटी हेल्थकेयर से लेकर फिटनेस, इंफ्रास्ट्रक्चर, फूड प्रोसेसिंग और पैसेंजर मोबिलिटी जैसे अलग-अलग सेक्टर्स की ये कंपनियां अब जल्द ही शेयर बाजार में कदम रखने की तैयारी में हैं।
SEBI से जिन आठ कंपनियों को मंजूरी मिली है, उनमें इंदिरा IVF, रेज ऑफ बिलीफ, टेम्पेन्स इंस्ट्रूमेंट्स, जेराई फिटनेस, चार्टर्ड स्पीड, ग्लास वॉल सिस्टम्स (इंडिया), श्रीराम फूड इंडस्ट्री और RKCPL शामिल हैं। रेगुलेटर ने 26 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच इन सभी कंपनियों के ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट्स पर ऑब्जर्वेशन जारी किए हैं। SEBI की प्रक्रिया के अनुसार, ऑब्जर्वेशन मिलने के बाद कंपनियां अगले एक साल के भीतर आईपीओ ला सकती हैं, जबकि कॉन्फिडेंशियल रूट से फाइल करने वाली कंपनियों को 18 महीने का समय दिया जाता है।
इंदिरा IVF
इनमें सबसे ज्यादा चर्चा इंदिरा IVF को लेकर है, जिसमें स्वीडिश प्राइवेट इक्विटी फर्म EQT का निवेश है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए करीब 3500 करोड़ रुपये जुटा सकती है। यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर-फॉर-सेल (OFS) होने की संभावना है, यानी इसमें कोई फ्रेश इश्यू नहीं होगा। इससे पहले कंपनी ने फरवरी में ड्राफ्ट पेपर फाइल किए थे, जिन्हें मार्च में वापस ले लिया गया था।
रेज ऑफ बिलीफ
वहीं ‘मॉम्स बिलीफ’ की पेरेंट कंपनी रेज ऑफ बिलीफ ने अगस्त में कॉन्फिडेंशियल DRHP फाइल किया था। यह कंपनी चाइल्ड डेवलपमेंट और थेरेपी से जुड़े सेगमेंट में काम करती है और आईपीओ के जरिए विस्तार की योजना बना रही है। टेम्पेन्स इंस्ट्रूमेंट्स फ्रेश इश्यू से 118 करोड़ रुपये जुटाएगी, जबकि OFS के तहत 1.79 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी। जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कैपेक्स, कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। जेराई फिटनेस का आईपीओ पूरी तरह OFS होगा, जिसमें 43.92 लाख शेयर बेचे जाएंगे।
चार्टर्ड स्पीड 855 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है, जिसमें फ्रेश इश्यू और OFS दोनों शामिल होंगे। कंपनी इस राशि से अपनी फ्लीट बढ़ाने और कर्ज घटाने पर फोकस करेगी। इसके अलावा, ग्लास वॉल सिस्टम्स, श्रीराम फूड इंडस्ट्री और RKCPL भी अपने-अपने सेक्टर्स में विस्तार और निवेशकों को एग्जिट देने के उद्देश्य से शेयर बाजार में उतरने जा रही हैं।
















