ईरान और इजरायल के बीच युद्ध का तीसरा दिन है और दोनों तरफ से हमले तेज़ हो गए हैं। आम इलाकों और ऊर्जा के ढांचों को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान रेड क्रिसेंट ने अब तक 550 से ज्यादा लोगों के मरने की पुष्टि की है, जबकि 131 शहरों में नुकसान की खबर है।
PM मोदी ने की बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बहरीन के किंग हमाद बिन ईसा अल खलीफा और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद से फोन पर बात की। उन्होंने दोनों देशों में हुए हमलों की निंदा की और भारतियों की सुरक्षा पर चर्चा की।
बहरीन पोर्ट पर अमेरिकी टैंकर को हमला
बहरीन के पोर्ट पर अमेरिकी झंडे वाले टैंकर “स्टेना इम्पेरेटिव” को निशाना बनाया गया। दो मैरीटाइम सिक्योरिटी सोर्स के अनुसार जहाज में आग लगी थी, जिसे अब बुझा दिया गया है।
हिज्बुल्लाह की मिलिट्री गतिविधियों पर बैन
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने घोषणा की कि हिज्बुल्लाह की मिलिट्री और सुरक्षा गतिविधियों पर तुरंत प्रतिबंध लगा दिया गया है। समूह से अपने हथियार सरकार को सौंपने को कहा गया है।
युद्ध की ताजा स्थिति
अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स और नौसेना के जहाज शामिल हैं। गोलीबारी और मिसाइल हमलों में मरने वालों की संख्या 555 से ऊपर पहुँच गई है। हजारों घायल हैं और कई शहरों में तबाही हुई है। ईरान ने भी इजरायल और कुछ खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों से पलटवार किया है।
ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान हमले जारी रखता है, तो अमेरिका ऐसा पलटवार करेगा, जो अब तक किसी ने नहीं देखा। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर ईरान बातचीत चाहता है, तो वह तैयार हैं।
क्षेत्रीय तनाव
लेबनान स्थित हिज्बुल्लाह ने भी मिसाइलें दागी हैं, जिससे युद्ध एक नया मोड़ ले गया है। खाड़ी देशों में भी नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे सुरक्षा स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
वैश्विक बाजारों पर असर
युद्ध के चलते तेल की कीमतों में 10-13% तक उछाल आया है और क्रूड का भाव $80-$82 प्रति बैरल पार कर सकता है। सोने की कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, क्योंकि निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर बढ़ रहे हैं।
अमेरिका के हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमान के अनुसार, शनिवार से अब तक अमेरिका ने ईरान के 1,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। इनमें कमान एवं नियंत्रण केंद्र, आईआरजीसी मुख्यालय, बैलिस्टिक मिसाइल केंद्र, नौसेना के जहाज और पनडुब्बियां, और सैन्य संचार केंद्र शामिल हैं।
















