देश के करोड़ों मिडिल क्लास परिवारों, नौकरीपेशा कर्मचारियों और छोटे निवेशकों के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। यदि आप भी पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) या सुकन्या समृद्धि जैसी लोकप्रिय सरकारी योजनाओं में निवेश करते हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को आगामी 1 जुलाई, 2026 से शुरू होने वाली वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। यह लगातार 9वीं ऐसी तिमाही है जब सरकार ने इन बेहद सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न देने वाली योजनाओं की ब्याज दरों को पूरी तरह से यथावत रखा है।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ताजा नोटिफिकेशन के मुताबिक, 1 जुलाई, 2026 से शुरू होकर 30 सितंबर, 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए ब्याज दरें वही रहेंगी, जो वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (1 अप्रैल, 2026 से 30 जून, 2026) में थीं। सरकार ने आखिरी बार वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में कुछ चुनिंदा बचत योजनाओं की ब्याज दरों में संशोधन किया था, जिसके बाद से इनमें कोई बदलाव नहीं देखा गया है।
किस योजना पर अब कितना मिलेगा ब्याज?
इस नए नोटिफिकेशन के बाद बैंकों और डाकघरों द्वारा संचालित होने वाली प्रमुख योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज इस प्रकार है:















