रायगढ़, 6 जनवरी 2026/
राज्य शासन की सुशासन, पारदर्शिता और जनहितकारी प्रशासन की सोच के अनुरूप रायगढ़ जिला प्रशासन ने भू-अर्जन प्रकरणों में मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल शुरू की है। जिला प्रशासन द्वारा लागू की गई यह नई व्यवस्था रायगढ़ अनुविभाग में 26 सितंबर 2025 से प्रभावशील है।
इस पहल के तहत भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को मुआवजा, पुनर्वास और बोनस की राशि अब ऑनलाइन बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। इससे न केवल भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है, बल्कि किसानों को लंबे समय से चली आ रही व्यावहारिक परेशानियों से भी राहत मिली है।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, 26 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 की अवधि के दौरान भू-अर्जन मुआवजा मद में 92 प्रभावित किसानों को कुल 8 करोड़ 66 लाख 57 हजार 210 रुपये का भुगतान किया गया है। वहीं पुनर्वास एवं बोनस मद के अंतर्गत 224 किसानों को 5 करोड़ 46 लाख 25 हजार 599 रुपये की राशि प्रदान की गई है। इस तरह मुआवजा और पुनर्वास दोनों मदों को मिलाकर कुल 316 किसानों के खातों में 14 करोड़ 12 लाख 82 हजार 809 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भू-अर्जन प्रकरणों में मुआवजा राशि का भुगतान चेक के माध्यम से किया जाता था। इस प्रक्रिया में किसानों को चेक प्राप्त करने, बैंक में लंबी औपचारिकताएं पूरी करने और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। नई ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था से ये सभी बाधाएं अब समाप्त हो गई हैं।
किसानों को मिल रही हैं प्रत्यक्ष सुविधाएं
इस नई व्यवस्था से भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिल रहे हैं। अब उन्हें न तो चेक लेने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और न ही बैंक में अनावश्यक इंतजार करना होता है। राशि सीधे खातों में जमा होने से किसानों का समय और खर्च दोनों बच रहा है। डिजिटल भुगतान के चलते लेन-देन का स्पष्ट और सुरक्षित रिकॉर्ड भी उपलब्ध हो रहा है, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी या विवाद की आशंका काफी हद तक कम हो गई है।
ऑनलाइन भुगतान प्रणाली से किसानों को बिना किसी बिचौलिये के पारदर्शी तरीके से राशि मिल रही है, जिससे शासन और जिला प्रशासन के प्रति उनका भरोसा और मजबूत हुआ है। समय पर भुगतान होने से किसान अपनी कृषि गतिविधियों और पारिवारिक जरूरतों की बेहतर योजना बना पा रहे हैं।
जिला प्रशासन का उद्देश्य भू-अर्जन प्रकरणों को अधिक सुगम, सरल, सहज और पारदर्शी बनाना है। यह पहल न केवल सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देने वाली प्रशासनिक संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
















