अगर आपने केनरा बैंक या बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लिया हुआ है, तो आपकी जेब पर बोझ बढ़ने वाला है. देश के इन दोनों प्रमुख सरकारी बैंकों ने अपने लोन की MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) दरों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है. नई दरें 12 अगस्त से लागू हो चुकी हैं.
MCLR दरें बढ़ने का सीधा मतलब यह है कि अगर आपका लोन इस रेट से लिंक्ड है, तो आने वाले दिनों में आपके लोन की ईएमआई (EMI) बढ़ जाएगी या फिर लोन की अवधि (Tenure) लंबी हो जाएगी.
क्या होता है MCLR?
MCLR वह न्यूनतम (Minium) ब्याज दर होती है, जिसके नीचे कोई भी बैंक ग्राहकों को लोन नहीं दे सकता. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साल 2016 में इस व्यवस्था को लागू किया था ताकि जब भी बैंक अपनी फंडिंग कॉस्ट तय करें, तो उसका फायदा या नुकसान लोन लेने वाले ग्राहकों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचे. जब बैंक MCLR बढ़ाते हैं, तो उससे जुड़े सभी तरह के लोन महंगे हो जाते हैं.
केनरा बैंक (Canara Bank) की नई MCLR दरें
केनरा बैंक ने अलग-अलग अवधि वाले MCLR में 5 बेसिस पॉइंट यानी 0.05% की बढ़ोतरी की है. अब केनरा बैंक की नई दरें 7.95% से बढ़कर 9.10% के बीच आ गई हैं:
ओवरनाइट: 7.95
1 महीना: 8.05%
3 महीने: 8.30%
6 महीने: 8.65%
1 साल (सबसे कॉमन): 8.80%
2 साल: 9.05%
3 साल: 9.10%
बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) की नई MCLR दरें
बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी 3 महीने की अवधि वाले MCLR में 10 बेसिस पॉइंट यानी 0.10% की बढ़ोतरी की है, जबकि बाकी अवधि की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. अब बैंक की दरें 7.85% से 8.75% के बीच हैं:
ओवरनाइट: 7.85%
1 महीना: 7.95%
3 महीने: 8.30% (बढ़ोतरी के बाद)
6 महीने: 8.50%
1 साल: 8.75%
लोन ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
जिन ग्राहकों का लोन 1-साल या अन्य अवधि के MCLR री-सेट साइकिल पर निर्भर है, उनकी अगली री-सेट डेट आते ही EMI बढ़ जाएगी. वहीं नए ग्राहकों के केस में 12 अगस्त के बाद केनरा बैंक या बैंक ऑफ बड़ौदा से लोन लेने वाले नए ग्राहकों को अब थोड़ी ज्यादा ब्याज दर चुकानी होगी.
अगर आप भी इन दोनों बैंकों के लोन ग्राहक हैं, तो अपने बैंक स्टेटमेंट या इंटरनेट बैंकिंग ऐप के जरिए यह जरूर चेक कर लें कि आपका लोन MCLR से जुड़ा है या नहीं. अगर लोन महंगा हो रहा है, तो अपनी बजट प्लानिंग उस हिसाब से पहले ही कर लें.
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