आज आषाढ़ महीने की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। यह पावन दिन पारंपरिक रूप से गुरु पूजा और अपने मार्गदर्शकों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए समर्पित होता है। इस दिन मुख्य रूप से शिष्य अपने गुरुओं का पूजन करते हैं और उनके प्रति अपनी श्रद्धा दिखाते हैं।
शास्त्रों में गुरु का अर्थ उस आध्यात्मिक पथ-प्रदर्शक से है, जो अपने ज्ञान और शिक्षाओं से शिष्यों के जीवन से अज्ञानता का अंधकार दूर करते हैं।
ध्यान रहे कि गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पूजा के कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं जिसगुरु या ईश्वर का पूजन करके शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं। आज के पंचांग में आपको दिनभर में आने वाली सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारियां मिल सकती हैं। आइए देखें किस मुहूर्त में पूजा करना आपके लिए फलदायी होगा और किससे बचने की जरूरत है।
तिथि: शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा- रात्रि 08 बजकर 05 मिनट, फिर कृष्ण प्रतिपदा तिथि
योग: प्रीति-रात्रि 11 बजकर 58 मिनट तक, फिर आयुष्मान
करण: विष्टि (भद्रा) -प्रातः 07 बजकर 14 मिनट तक
करण: बव -रात्रि 08 बजकर 05 मिनट तक, फिर बालव
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 41 मिनट पर
सूर्यास्त का समय: सायं 07 बजकर 14 मिनट पर
चंद्रोदय का समय: सायं 07 बजकर 21 मिनट पर
चंद्रास्त का समय: चंद्रास्त नहीं है
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कर्क राशि में स्थित हैं।
चन्द्र देव: मकर राशि में स्थित हैं।
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं
अमृत काल: प्रातः 08 बजकर 34 मिनट से प्रातः 10 बजकर 20 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से दोपहर 02 बजकर 09 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 07 बजकर 22 मिनट से प्रातः 09 बजकर 04 मिनट तक















